

"हो .. हो .. कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा इस मिलन से हो गया, इस मिलन से हो गया, जीवन पावन ये सारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा हो .. हो .. आनंदकी लहेरो मे झूमे खुशियो से मेरा मन सुख शांती के रत्नोसे सजा मेरा तन मन आनंदकी लहेरो मे झूमे खुशियो से मेरा मन सुख शांती के रत्नोसे सजा मेरा तन मन तेरी दृष्टी की किरनो से तेरी दृष्टी की किरनो से चमके ये जग सारा इस मिलन से हो गया इस मिलन से हो गया जीवन पावन सारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा हो .. हो .. सब कुछ अच्छा लगने लगा बाबा तुम्हारे संग प्रीत लगी हैं ऐसी तुमसे जैसे डोर पतंग संग सब कुछ अच्छा लगने लगा बाबा तुम्हारे संग प्रीत लगी हैं ऐसी तुमसे जैसे डोर पतंग संग हर पल तुम्हारा नूर छलकता हर पल तुम्हारा नूर छलकता हैं ये न्यारा न्यारा इस मिलन से हो गया इस मिलन से हो गया जीवन पावन सारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा इस मिलन से हो गया इस मिलन से हो गया जीवन पावन ये सारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा कितना मीठा मीठा हैं बाबा मिलन तुम्हारा"