"मधुबन के दिल में दिलवाला दादा रहता है
मधुबन की धड़कन में लखी दादा रहता है
सबको लुभाए….हो हो
सबको लुभाए…ज्ञान रत्न लुटाए
हर वक्त अपनेको कृष्ण बताये
हम सब को राधा कहता है
मधुबन की धड़कन में लखी दादा रहता है
हीरे मोतियन का है वो व्यापारी
उसकी दृष्टि से शिव हुए साकारी
मुख में उसके ओम ध्वनि लगे प्यारी
ओम राधे को चढ़ी ज्ञान की खुमारी
गोप गोपियों के अब दिल जीवन में रहता है
मधुबन की धड़कन में लखी बाबा रहता है
ज्ञान योग धारणा से कुटिया बनाई
शांति स्तम्भ बनके खड़ा है सिपाही
दृष्टी में शिव की याद को है समाई
परमहंस बनके वो मोती लुटाए
अयक्त रथ लिए वो सेवाये करता है
मधुबन की धड़कन में लखी बाबा रहता है
ज्ञान गंगाए हम ब्रम्हाकुमारीया
सारे संसार में फैला रही रूहानिया
चौरासी जन्म की जानी सच्चाईया
तन मन धन वारा शिव पिया की याद में
होली हंस बनके साथ वो शिव के रहता है
मधुबन की धड़कन में लखी बाबा रहता है"
