मधुर धुन में गाती है आबू की घाटी
वो गीत आज मन में है मधुबन कि भांति
मधुर धुन में गाती है आबू की घाटी
वो गीत आज मन में है मधुबन कि भांति
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
मधुर धुन में गाती है आबू की घाटी
वो गीत आज मन में है मधुबन कि भांति
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
सृजन सृष्टि का शिव को संकल्प आया
सृजन सृष्टि का शिव को संकल्प आया
निराकार ने उनको माध्यम बनाया
दिखाए प्रलय के पूरे दृश्य सारे
नई सृष्टि के भी अनोखे नजारे
नई सृष्टि के भी अनोखे नजारे
सूनी सब ने श्रीमुख से ईश्वर की वाणी
घड़ी जग बदलने की अाई सुहानी
घड़ी जग बदलने की अाई सुहानी
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गुंजा था जब ओम का मंत्र प्यारा
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
गुंजा था जब ओम का मंत्र प्यारा
हिलने लगा सिंध का प्रांत सारा
चला शक्ति बन तोड़ बहनों के ताले
नहीं योग्य पाए अबला के निवाले
नही योग्य पाए अबला के निवाले
पिता जब से माया पिएंगे हम पानी
करेगी दबी चोटिया मन में ठानी
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
फसा न सका उनको माया का फंदा
दिया त्याग तत्काल हीरो का धंधा
लुटाने लगे ज्ञान के हीरे मोती
जगाने लगे शिव के संग आत्म ज्योति
जगाने लगे शिव के संग आत्म ज्योति
वो तप त्याग संकल्प सेवा वो वाणी
नए विश्व की बन गई थी निशानी
नए विश्व की बन गई थी निशानी
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
शिव शंभू ऐसा ये गुण को समाकर
शिव शंभू ऐसा ये गुण को समाकर
फरिष्ता बने अर्श पर बैठे जाकर
सजा ले हमे दिव्य गुण से आके
तभी तो तेरी सब महिमा है गाते
तभी तो तेरी सब महिमा है गाते
भुला न सके ये तेरी मेहरबानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
मधुर धुन में गाती है आबू की घाटी
वो गीत आज मन में है मधुबन कि भांति
मधुर धुन में गाती है आबू की घाटी
वो गीत आज मन में है मधुबन कि भांति
सभी के जुबा पर यही है कहानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
गजब थी पिताश्री की वो जिंदगानी
