िव जयंती है आयी ज्ञान प्रकाश फैलाने
एक ईश्वर के बच्चे हम सत्य ए समझाने
ईश्वर अल्लाह गॉड वाहेगुरु सच्चा हुजूर है
निराकार ओ परमपिता सत्य सुंदर नूर है
हर धर्म उस एक की महिमा गाता है
हर धर्म शिक्षक उस एक की ओर ले जाता है
प्रेम शांति सद्भावना हर धर्म का सार है
जिसेने समझा इस सत्य को वही हुआ पार है
डूबती जगकी नैया को फिर से पार लगाने
एक ईश्वर के बच्चे हम सत्य ए समझाने
शिव जयंती है आयी ज्ञान प्रकाश फैलाने
धर्म गुरु ओ ने जो दी ऊंची शिक्षाओ से जुड़ना है
शिक्षाओं को धारण कर सत्कर्मों की ओर मुड़ना है
प्रेम शांति स्वधर्म तुम्हारा परमपिता ए कहते
आत्मा हो तुम सुंदर चेतन भ्रकुटी में हो तुम रहते
आओ अपने सत्य स्वरूप को फिर से हम जाने
स्वधर्म की अद्भुत शक्ति को पहचाने
प्रेम और सद्भाव जब भी जीवन में उतरता है
इसका तेज सारे विश्व को एक करता है
अपनी विद्या से विवाद नहीं एकता हम लाए
अपनी बुद्धि से विनाश नहीं जग को हम सजाए
हर और गुंजे शांति अमन का संदेश
सुखी हो हर एक जन समृद्ध बने हर देश
विश्व एक परिवार है सत्य ए सुनाने
शिव जयंती है आयी ज्ञान प्रकाश फैलाने
एक ईश्वर के बच्चे हम सत्य ए समझाने
