मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
यही अपना है स्वमान
यही अपना है स्वमान
पवित्रता से ही सत्यता है
पवित्रता से ही सत्यता है
दिव्यता है पहचान
अपनी दिव्यता है पहचान
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा
सत्यता का आधार पवित्रता है
पवित्रता का स्वरूप ही दिव्यता है
बाबा के इस सत्य स्वरूप को जब हम जाने
सत्यता की शक्ति को तब पहचाने
मन वचन कर्म संबंध होंगे दिव्य महान
सत्य स्वरूप दिव्य स्वरूप पवित्र स्वरूप हु
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा
मान शान के पीछे कभी न पडना है
बाबा के दिल में सदा आगे बढ़ना है
सत्य की नाव डोलेगी पर नहीं डूबेगी
सच्चाई की ही सदा जीत होगी
सत्यता की धारणा से बनेंगे संपूर्ण
सत्य स्वरूप दिव्य स्वरूप पवित्र स्वरूप
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा
ब्रम्हा बाबाके जैसा हो कर्म अपना
दिव्य गुणों के द्वारा हर कर्म करना
निराकार शिव बाबा समान हो अशरीरी
इस अभ्यास से ही करनी है तैयारी
न्यारी निराली प्यारी प्यारी हो अपनी जीवन
सत्य स्वरूप दिव्य स्वरूप पवित्र स्वरूप हु
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
यही अपना है स्वमान
हो हो यही अपना है स्वमान
पवित्रता से ही सत्यता है
पवित्रता से ही सत्यता है
दिव्यता है पहचान
अपनी दिव्यता है पहचान
मै आत्मा हु सदा सत्य स्वरूप
मै आत्मा
