"मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
ज्योति बिंदु हू महाज्योती की शांति है स्वधर्म मेरा
मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
मन बुद्धि संस्कारों से खुद ही मैं सजा हू
मन बुद्धि संस्कारों से खुद ही मैं सजा हू
सुंदर पवित्र और उत्तम भावना में जीता हू
मूल वतन की मैं हू पंछी
वही पे मेरा बसेरा
मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
तन मेरा मंदिर है ये में हू इसमें मूरत
तन मेरा मंदिर है ये मैं हू इसमें मूरत
भ्रुकुटी के बीच निहारू हरपाल अपनी ये दिव्य सूरत
मिलन मनाऊं खुद में खो जाऊं
हो जाए मन उजियारा
मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
मैं अविनाशी शक्ति हू
रंग मेरा है सुनहरा
आ आ आ आ आ"
