मैं जब भी अकेली होती हु
मैं जब भी अकेली होती हु
चुपके से बाबा आते हो
और बोल के मीठे बच्चे तुम
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
मधुबन की गलियों में आकर
हर बच्चे का खुश हो जाना
बाबा के मिलने की धुन में
बाबा के कमरे की याद आना
बाबा का सामने आ जाना
बाबा का सामने आ जाना
नैनो में रूहानियत छा जाना
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बाबा का बाजू में आकर
बच्चो के सम्मुख बैठ जाना
बच्चो को दृष्टि दे देकर
उनको निहारकर दे जाना
बाबा की मुरली का चलना
बाबा की मुरली का चलना
और बच्चोका हर्षित होना
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बाबा का टोली दे देना
मुरली के खत्म होते होते
बच्चो के आगे क्या
सुनते बाहर जाते जाते
माया नगरी का भूल जाना
माया नगरी का भूल जाना
बच्चो पे नशा सा छा जाना
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बाबा का बच्चो से मिलना
और खेलना उनके संग में
बच्चो के संग बच्चा बनकर
दिल पूरी करना सेकंड में
और लंबी लंबी घड़ियों का
और लंबी लंबी घड़ियों का
सच जाना इन सब बातों में
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
बचौका बगिया में जाना
और बाबा का कुटिया का दिखना
तब बच्चो का आगे करना
बाबा को पत्र लिखते देखना
बाबा का बच्चोको देखते ही
बाबा का बच्चोको देखते ही
कहना मीठे प्यारे बच्चे
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
मैं जब भी अकेली होती हु
चुपके से बाबा आते हो
और बोल के मीठे बच्चे तुम
बीते दिन याद दिलाते हो
बीते दिन याद दिलाते हो
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