

मैने जाके गगन में ढूंढा ब्रम्हा बाबा से मैने पूछा मैने जाके गगन में ढूंढा ब्रम्हा बाबा से मैने पूछा बाबा भोले बताओ तुम कहा रहते हो बाबा भोले बताओ तुम कहा रहते हो ये राज अपने बच्चों से कहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है ये राज अपने बच्चों से कहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है उनकी नींदो में जाऊ मैं ख्वाब बनके ख्वाब बनके भंडारे में भासना लू स्वाद बनके स्वाद बनके खोया पाया में मिलती है बच्चों की दुवाएं उनके दुख दर्द में बनू हर मर्ज की दवाई मैं बजाऊं दरवाजे पर स्वागत शहनाई सेवा पर जाने वालो को खिलाऊ मिठाई हो हो हो दिलाराम का दिलो से कहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है कमल जीवन की खुशबू मैं बन जाऊ बन जाऊ ज्ञान योग खातून को पंख लगाऊं पंख लगाऊं वरदानों के हीरे गुणों के मोती चमकाऊ किस्मत जो कभी फिर ना सोती हो हो हो मेरी आशा का दीपक तुम्हे बनना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है सेवाधारियों के संग मुझे रहना है __________________________