

अभी …. एक सेकंड में अपने राजयोग के अभ्यास करते हुए मन को एकाग्र करने का मालिक बन मन को जहा चाहो जितना समय चाहो जैसा चाहो वैसे अभी अभी एकाग्र करो कहा भी मन यहां वहां चंचल नहीं मेरा बाबा मीठा बाबा प्यारा बाबा स्नेह के संग के रंग की आध्यात्मिक होली मनाओ _______