

मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर मन के अमन हो….. तेरे बिना तो जी नहीं लगता ओ मेरे मिठे बाबा कितना एहसान हम पर किया है कैसे चुकावे बाबा हर पल मेरे जिगर में हो मुझसे नहीं हो दूर मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर मन के अमन हो …. हद के नाते सारे भुला दे तेरी प्रीत में समाकर प्रेम सुधारस बरसाए सबपर सुख के बादल बनकर बिन देखे अपनी चलती रहे यू हम है इसीमें हूंर मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर मन के अमन हो तेरी बाहे हमको बुलाए अव्यक्त मिठे वतनमें लगता है ऐसे कहते कानो में आओ फरिश्तों चमन में बनना अब तो हमको ऐसे बाबा तुमसा हो मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर मन के अमन हो दिल की हो दौलत नयनों के हो नूर सासो में समाई बाबा तेरी यादें तेरे नशे में चूर तेरे नशे में चूर तेरे नशे में चूर —--------------------:--------------------