मन के पाप धुल गए है
आत्मा चमक गई है
मन के पाप धुल गए है
आत्मा चमक गई है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
मन के पाप धुल गए है
प्रीतम प्यारा पाया स्वर्ग नजर आया
प्रीतम प्यारा पाया स्वर्ग नजर आया
खुशी ऐसी है बरसी मिटा दुखो का साया
सुख के दीप जले है अंधकार कहीं नहीं है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
मन के पाप धुल गए है
जग में हुआ सवेरा जब से हुआ तू मेरा
जग में हुआ सवेरा जब से हुआ तू मेरा
ज्ञान का शंख बजाया टूटा माया का घेरा
तेरे अमृत के झरने फूटे तो आज कहीं है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
मन के पाप धुल गए है
आत्मा चमक गई है
मन के पाप धुल गए है
आत्मा चमक गई है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
गुण ही गुण भरे है खुशबू महक रही है
मन के पाप धुल गए है
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