

मन में यहीं इक धुन अखंड महादानी बने बचत का खाता हो जमा खजानों के धनी हम बने योगयुक्त हो अपना जीवन युक्तियुक्त हो बोल और चलन संतुष्टता सेवा का है बल सर्व संतुष्टता सेवा का फल निमित्त निर्माण भाव हो दिल में हो निश्चल सच्चे दिल की सेवा की यही निशानी जाने मन में एक यहीं धुन अखंड महादानी बने मनसा द्वारा शक्ति देना वाचा से दे ज्ञान खजाना कर्मों से गुण दान करना अवगुण धारी में गुण ही भरना ओटे सो अर्जुन हमको बनना है जीवन का लक्ष्य यही अखंड महादानी बने मन में एक यहीं धुन अखंड महादानी बने दाता के बच्चें हम है दाता देनेवाले जरा हम है देवता हुकमी हुकुम हमें चला रहा है करण करावनहार करवा रहा है हल्का बनाके हमें उड़ा रहा है अलबेलेपन से हो मुक्त हम श्रेष्ठ जिंदगानी बने मन में एक यहीं धुन अखंड महादानी बने बचत का खाता हो जमा खजानों के धनी हम बने मन में एक यहीं धुन अखंड महादानी बने