मन रे……
मन रे वापस चल अपने घर
मन रे वापस चल अपने घर
पूरा हुआ नाटक अब तो इधर
मन रे वापस चल अपने घर
मन रे वापस चल अपने घर
जनम जनम का फेरा लगाया
युग युग का चक्कर लगाया
जनम जनम का फेरा लगाया
युग युग का चक्कर लगाया
जोड़ ले नाता प्रभु से अपना
जोड़ ले नाता प्रभु से अपना
पाना है प्रभु साथ अगर
मन रे वापस चल अपने घर
मन रे वापस चल अपने घर
सुख दुख और पाप पुण्य में
सोच ले अबतक क्या है पाया
सुख दुख और पाप पुण्य में
सोच ले अबतक क्या है पाया
साधना की डोली में बीता ले
साधना की डोली में बीता ले
जीवन भक्ति का जिस फल
मन रे वापस चल अपने घर
मन रे वापस चल अपने घर
पूरा हुआ नाटक अब तो इधर
मन रे वापस चल अपने घर
मन रे वापस चल अपने घर
वापस चल अपने घर
मन रे……
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