"मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
जिनकी पूजा होती है
आज सारे विश्व सेवा फिर उन्हीं से होती है
मंदिरों में देवियों की जिनकी पूजा होती है
आज सारे विश्व सेवा फिर उन्हीं से होती है
मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
धर्म ग्लानि में ये सारे
बोली जब अपनाती है
भ्रष्टता में ज्ञानता की छाप जब छा जाती है
देवीया प्रत्यक्ष मूरत सामने वो आती है
सामने वो आती है
मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
जो असुरता और मानव का पसारा हो रहा
शिव की चैतन्य शक्तियों से वो सफाया हो रहा
ज्ञान सेवा योग द्वारा स्वर्ग लाया जा रहा
स्वर्ग लाया जा रहा
मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
तू जगत माता की है और देवी शक्ति महान है
पूज्यता जो था तुझे जो पा रहा वरदान है
महिमा मई माता हमे आपका सम्मान है
आपका सम्मान है
मंदिरों में देवियों की जिनकी पूजा होती है
आज सारे विश्व सेवा फिर उन्हीं से होती है
मंदिरों में देवियों की जिनकी पूजा होती है
आज सारे विश्व सेवा फिर उन्हीं से होती है
मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
मंदिरों में देवियों की
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