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विस्तार को सार - मास्टर बीजरूप
Spiritual Commentaries

विस्तार को सार - मास्टर बीजरूप

Rupesh
Rajyog Meditation
9:57116
विस्तार को सार - मास्टर बीजरूप
Spiritual Commentaries
विस्तार को सार - मास्टर बीजरूप
Rupesh
Rajyog Meditation
9:57116 plays

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कि सोम शांति मेरे प्यारे बाप दादा कहते हैं कि सभी पॉइंट का सार है यह पॉइंट बन्ना अर्थात विस्तार को समेटना समाना कि आप इस रूप स्थिति में स्थित हो जाना है कर दो रघु दीक्षित और दिल्ली के सभी विस्तार को छोड़ दो थे प्वाइंट आफ लाइट स्थिति में स्थित होकर है को चैलेंज साकारी दुनिया के पास कि निराकारी दुनिया में [संगीत] कि [संगीत] मैं हूं ही निराकारी दुनिया में रहने वाली [संगीत] कि निराकारी आत्मा बिंधी [संगीत] पहुंच गई अपनी धाम [संगीत] के स्वर्णिम लाल प्रकाश की दुनिया में में [संगीत] है जहां चारों को कि गहन शांति है है कर दो [संगीत] की जगमगाती हुई आत्माएं ज्योतियां उल्टे वृक्ष के आकार में स्थित है कि सभी आत्माएं बीच रूप स्थिति में को चारों को दिव्य प्रकाश फैला रही है लुट परमधाम में चमकते हुए सितारे हैं आप बहुत प्यारे लग रहे हैं [संगीत] कर दो कि इन सबके ऊपर हैं इस प्रविष्टि के बीच छिपा [संगीत] बीच रूप पिता की संतान हैं कि मैं आत्मा भी मास्टर पेज रूप कि [संगीत] मैं प्यारी बाबा की के बिल्कुल समीप बैठा हूं कर दो [संगीत] एक महान ज्योति बाबा का दिव्य प्रकाश है [संगीत] इस पूरे ब्रह्मांड को प्रकाशित कर रहा है [संगीत] कि मेरी सहित कि सभी यार तुम्हें इस प्रकार से प्रकाशित हो रही है [संगीत] कर दो कि बाबा के दिव्य स्वरूप को निहारता हुआ है कि उनके प्रकाश को स्वयं में समाता हुआ है कि मैं अनुभव कर रहा हूं है जैसे मेरे पिता है [संगीत] है वैसा ही मैं [संगीत] कर दो कि वह पी शुरू कि मैं मास्टर स्पीच ओं कर दो कि वह महज ज्योति इस मैच को होती है [संगीत] कि जैसी वह गुणों और शक्तियों के साथ है कि मैं भी गुणों व शक्तियों का पुनः कि जैसे वह पवित्रता के साथ है कि मैं आत्मा भी संपूर्ण निर्विकारी ए परम पवित्र कर दो [संगीत] आम आदमी बीच रूप अवस्था में मैं संपन्न हो कि संपूर्ण के समान है [संगीत] कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो हुआ है अजय को कि इस बीच रूप अवस्था में तुम कोई संकल्प कि नहीं ये सोच से बिल्कुल पर ना कोई प्रश्न है ना कोई फ़िक्र [संगीत] को अधिकतम यह बनकर अवस्था है कर दो इस बीच सायलेंस का अनुभव है कि अ कर दो कर दो कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो कर दो को जी करता है मैं बस अपनी मूल वतन घर में अपने इसी मोड बीच रूप अवस्था में में इस बीच रूप बाबा के पास ही बैठा रहा है कर दो कर दो कर दो [संगीत] कर दो अजय को कर दो कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कर दो [संगीत] कर दो [संगीत] कर दो कर दो कि आज है कि हम दे हैं और दुनिया के विस्तार को समय बीच-बीच में अपने बीच रूट स्थिति में उपस्थित होंगे जय हो ओम मां कर दो [संगीत]

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