मैं आत्मा हूं मैं आत्मा हूं
एक चमकती ज्योति हूं
मैं शरीर की मालिक हूं मैं शरीर से अलग हूं
मैं आत्मा हूं मस्तक के बीच में विराजमान हूं
यहीं से मै इस पूरे शरीर को चलाती हूं
मैं आत्मा हूं सोचती हूं समझती हूं निर्णय लेती हूं
मै आंखों से देखती हूं कानों से सुनती हूं
मुख से बोलती हूं मैं आत्मा हूं मैं आत्मा हूं
समय बदलता है शरीर बदलता है यहां धरती पर सबकुछ विनाशी है
मैं सदा रहती हूं मैं अनादि हूं अविनाशी हूं
मैं आत्मा हूं मैं आत्मा हूं
अजर हूं अमर हूं मै आत्मा हूं
निर्भय हूं मुझे किसीका भय नहीं
मैं आत्मा हूं शक्तिशाली हूं कल्प कल्प की विजयी हूं
मैं आत्मा हूं भगवान शिव की संतान हूं
परमात्म वरसे की अधिकारी हूं
मैं आत्मा हूं शान्ति मेरा स्वरूप है
मैं आत्मा हूं आनंद स्वरूप हूं
मैं आत्मा हूं संतुष्ट हूं हर पल प्रसन्न रहती हूं
मैं आत्मा हूं प्रेम स्वरूप हूं
मैं आत्मा हूं पवित्र हूं मेरे मूल संस्कार दिव्य है श्रेष्ठ है
मैं आत्मा हूं प्रकाश का एक ज्योति बिंदु हूं
मैं अजर हूं अमर हूं अविनाशी हूं
मै निर्भय हूं शक्तिशाली हूं संतुष्ट हूं मैं भगवान शिव की संतान हूं
यहीं मेरी सच्ची और अनमोल पहचान है
