मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
बाबा ने जो सुनाई ये, एक सच्ची कहानी है
मैं एक आत्मा हूँ
तन मेरा एक महल हो जैसे
मैं उसमें रहती हूँ ऐसे
जैसे सीप में मोती है, सागर में पानी है
मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
मैं एक आत्मा हूँ
मन मेरा मंदिर हो ऐसे
बाबा यहाँ बैठे हों जैसे
कितने प्यारे प्यारे बाबा, ये दिल मेरा गाता है
मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
मैं एक आत्मा हूँ
जीवन एक धारा हो जैसे
मेरा बाबा किनारा हो ऐसे
लहरें कितनी भारी हो, मुझे उसका सहारा है
मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
बाबा ने जो सुनाई ये, एक सच्ची कहानी है
मैं एक आत्मा हूँ
मेरा रूप रूहानी है...
मैं एक आत्मा हूँ
