तेरी प्रीत का रंग ऐसा लगा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी प्रीत का रंग ऐसा लगा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
जो भी हुआ कल बीत गया है
जो भी हुआ कल बीत गया है
सपना वो सारा भूल गया है
सपना वो सारा भूल गया है
तेरे संग जीवन नया सा खिला है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी प्रीत का रंग ऐसा लगा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी याद मुझको पावन बनाती
तेरी याद मुझको पावन बनाती
ज्ञान गुणों से जीना सिखाती
ज्ञान गुणों से जीना सिखाती
अखूट है खजाना जो तूने दिया है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी प्रीत का रंग ऐसा लगा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
योग की अग्नि ऐसी जली है
योग की अग्नि ऐसी जली है
बातें पुरानी सब राख बनी है
बातें पुरानी सब राख बनी है
ये जीवन सारा तुझपे टिका है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी प्रीत का रंग ऐसा लगा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
तेरी हो ली बाबा तू ही मन बसा है
