"मीरा बनके हरी को पा ले
प्रेम रंग तू खुद पे चढा ले
शिव बाबा को मीत बना ले
शिव बाबा को मीत बना ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला लें
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
सुख-दुख दोनों सम कर जाने
सुख-दुख दोनों सम कर जाने
बाबा आये हैं, समझाने
श्रीमत को तू मन में बसा ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
तेरे भीतर, पांच लुटेरे
तेरे भीतर पांच लुटेरे
बैठे हैं वो तुझको घेरे
योग अगन से उनको मिटाले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
शिव के नाम का प्याला पी ले
शिव के नाम का प्याला पी ले
उसके मस्ती में तू जी ले
इस मस्ती में सिद्धि पा ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
प्रभु के ध्यान से जीवन भर ले
प्रभु के ध्यान से जीवन भर ले
उसके नाम का चिंतन कर लें
युग युग की तू प्यास बुझाले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
शिव बाबा को मीत बना ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
मन में ज्ञान की ज्योत जला ले
शिव बाबा को मीत बना ले
शिव बाबा को मीत बना ले"
