

"मेरा बाबा .... शिव बाबा ...... मेरा बाबा मेरे मन में समाया मन दर्पण में तेरी छाया मन दर्पण में तेरी छाया मन्दिर मन को बनाया मन्दिर मन को बनाया मेरा बाबा ..... शिव बाबा ........ फूलों में जैसे खुशबू बसी है फूलों में जैसे खुशबू बसी है पेड़ में जैसे छाया वैसे ही बाबा मेरे मन में वैसे ही बाबा मेरे मन में फिर क्यों खोज न पाया फिर क्यों खोज न पाया मेरा बाबा ....... शिव बाबा ........ रोम रोम में तू है समाया रोम रोम में तू है समाया अजब है तेरी माया तेरे नाम का अमृत पी के तेरे नाम का अमृत पी के पल-पल तुझको ध्याया पल-पल तुझको ध्याया मेरा बाबा ..... शिव बाबा ..... निर् आकार है मेरा बाबा निर् आकार है मेरा बाबा निर् विकार है बाबा अमर,अजोनी,अखण्ड अलेपा अमर अजोनी अखण्ड अलेपा तेरा भेद न पाया तेरा भेद न पाया मेरा बाबा....... शिव बाबा ........ जोगन बनके ध्यान लगाया जोगन बन के ध्यान लगाया खुद में तुझको पाया जैसे-जैसे मगन हुई मैं जैसे-जैसे मगन हुई मैं अति इन्द्रिय सुख पाया अति इन्द्रिय सुख पाया मेरा बाबा ...... शिव बाबा ...... मेरा बाबा ......भोला बाबा ..... मेरा बाबा ......प्यारा बाबा ......."