

मेरा बाबा ऊंच महान हम है उनकी संतान सारे कल्प में भी हम होंगे धनवान राजाओं के राजा हम होंगे शहंशाह बाबा से मिले है वरदान अपनी कमाई का आधार बिंदी बाबा के सत्य ज्ञान का सार है बिंदी हम आत्मा बिंदी परमात्मा बिंदी जो बीत गया उसको लगानी है बिंदी तीन बिंदी का ये खेल संगम की पहचान मिल गया है ज्ञान गुण शक्ति का खजाना सबसे है बड़ा समय का ये खजाना हर श्वास हो सफल संकल्पों में हो बल संगम युग का हर पल कभी व्यर्थ न गवाना आत्मिक भाव से ही हर बोल हो संपन्न वरदाता बन गया अपना है साथी वर्सा मिला वरदानों की होगई प्राप्ति परमात्म पढ़ाई हमने है पाई इस निश्चय और नशे की सदा ही रहे स्मृति भगवान भी हमपर सदा हुआ है कुर्बान मेरे बाबा ऊंच महान हम है उनकी संतान सारे कल्प में भी हम होंगे धनवान राजाओं के भी राजा हम होंगे शहंशाह बाबा से मिले है वरदान