"मेरे दिलबर तुम्हें जबसे पाया है
मेरे बाबा तुम्हें जबसे पाया है
कोई चिंता ना फिकर तुम्हें जबसे पाया है तुम्हें जबसे पाया है
मेरे बाबा तुम्हें जबसे पाया है
मेरे दिलबर तुम्हें जबसे पाया है
कोई चिंता ना फिकर तुम्हें जबसे पाया है तुम्हें जबसे पाया है
हो मेरे दिलबर
कान्ध जैसे सज गए ज्ञान रंग से तेरे
कान जैसे सज गए ज्ञान रंग से तेरे
शक्तियोँ से भर गए ज्ञान में डूबे तेरे
सुख का सवेरा आया है
तुम्हें जबसे पाया है
मेरे बाबा तुम्हें जबसे पाया है
हो मेरे दिलबर
तेरा आंचल मिल गया और क्या मैं मांगू
तेरा आंचल मिल गया और क्या मैं मांगू
सारा जीवन खिल गया और क्या मैं मांगू
रूहानी नशा सा छाया है
तुम्हें जबसे पाया है
मेरे बाबा तुम्हें जबसे पाया है
हो मेरे दिलबर तुम्हें जबसे पाया है
कोई चिंता ना फिकर तुम्हें जबसे पाया है तुम्हें जबसे पाया है
मेरे बाबा तुम्हें जबसे पाया है
हो मेरे दिलबर तुम्हें जबसे पाया है"
