सासो की माला में जिसकी याद है पिरोयी
सासो की माला में जिसकी याद है पिरोयी
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
सासो की माला में जिसकी याद है पिरोयी
सासो की माला में जिसकी याद है पिरोयी
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
बाबा ही संसार मेरा दुनिया मेरी वोहीं
बाबा ही संसार मेरा दुनिया मेरी वोहीं
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
एक उसीसे दिल का रिश्ता एक उसीसे नाता है
एक उसीसे दिल का रिश्ता एक उसीसे नाता है
इन नयनोंको सिवा शिवके और नजर न अाता है
इन नयनोंको सिवा शिवके और नजर न अाता है
माता पिता शिक्षक सदगुरु
माता पिता शिक्षक सदगुरु बंधु सखा सब वोहीं
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
जबसे उसको जाना है ऐसा मिला खजाना है
जबसे उसको जाना है ऐसा मिला खजाना है
पाकर अपना मित सुहाना मन को मिला ठिकाना है
पाकर अपना मित सुहाना मन को मिला ठिकाना है
उसिको पाने की खातिर थी
उसिको पाने की खातिर थी युगोसे अखिया रोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
संग उसिके खेलू खाऊ साथ में रास रचाऊ
संग उसिके खेलू खाऊ साथ में रास रचाऊ
उसकी याद में उसके प्यार में सारे सुख अब मै पावू
उसकी याद में उसके प्यार में सारे सुख अब मै पावू
स्नेह सिंधु के मै लहरोमें
स्नेह सिंधु के मै लहरोमें रहती खोई खोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
मेरे तो शिवबाबा एक दूसरो न कोई
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