मिले जब से मुझे बाबा मेरे लब पे तराना है
भरे जहां में बाबा मुझे अपना जो माना है
मिले जब से मुझे बाबा मेरे लब पे तराना है
भरे जहां में बाबा मुझे अपना जो माना है
ना मुझमें कोई खूबी थी ना थी आपके काबिल
ना जाने मुझमें क्या देखा मुझे दिल की दी हर महफिल
ना मुझमें कोई खूबी थी ना थी आपके काबिल
ना जाने मुझमें क्या देखा मुझे दिल की दी हर महफिल
मैं चलता हुं अब सितारों पर ज़मीं पर वो जमाना है
मिले जब से मुझे बाबा मेरे लब पे तराना है
आपकी मुझपे ये बाबा हुई नजारे है हिनायत
कम कैसे मुझे भी आपसे बेहद है मोहोब्बत
आपकी मुझपे ये बाबा हुई नजारे है हिनायत
कम कैसे मुझे भी आपसे बेहद है मोहोब्बत
छुपे रुस्तम पख मैंने परंतु मैंने भी जाना है
मिले जब से मुझे बाबा मेरे लब पे तराना है
भरे जहां में बाबा मुझे अपना जो माना है
मिले जब से मुझे बाबा मेरे लब पे तराना है
