मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान उत जाग रे इंसान
मिल जाएंगे भगवान तेरे द्वार पे पुकारता हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
अदृश्य है फूल चक्षु तो देखो
अस्तित्व उनका महसूस होगा
अदृश्य है फूल चक्षु तो देखो
अस्तित्व उनका महसूस होगा
मिल लो उनको ब्रम्हा तनमें महकालो मन की ये बेला
थाम इस वेग को जगालो विवेक सारे
जगका करानहार वो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
धमनियों में बह रहा है जब से
श्वास तेरी चल रही तब से
धमनियों में बह रहा है जब से
श्वास तेरी चल रही तब से
सब कुछ तो पा लिया है तुने
अब मांगे क्या तू शिव से
सुबह की पुर का अंधेरे घनघोर का
जीवन का आधार वो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
मुरली की तान बज रही
हो हो
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