नवजीवन दाता प्यारे शिवपिता
नव युग जो धरा पर लाए
करे सबकुछ ही सफल तभी मिले सफलता
यही मंत्र हमे बाबा सुनाए
सौगात में दे हमे स्वर्णिम हो दुनिया
धरती और गगन पाए सब ही नया
अब लागे दिन नया रातभी नई
स्वर्णिम वो दुनिया अब आई की आई
दिल से बधाई बधाई
नव युग की सभी को बधाई
दिल से बधाई बधाई
नव वर्ष की हो बधाई
विश्व का राज्य भाग्य पाया है उपहार
अपना तो जन्मसिद्ध ये है अधिकार
हम बने फरिश्ता फरिश्ता सो देवता
संगमयुग में सदा मौज मनाए
उत्सव हर दिन ऐसा खिला है जीवन
उमंग उत्साह बढ़ता जाए
कही व्यर्थ न जाए खजाना कोई
हर श्वास हर घड़ी सफल हुई
अब लागे दिन नया रात भी नई
स्वर्णिम वो दुनिया अब आई की आई
दिल से बधाई बधाई
नव युग की सभी को बधाई
दिल से बधाई बधाई
नव वर्ष की हो बधाई
ज्ञान का खजाना ही बनाए समझदार
निर्विघ्न जीवन का शक्तियां ही आधार
सर्वगुणसंपन्न गुनमुरत बन
देवता रूप में हम पूजे जाएं
मुरली से हो प्यार तोही बने मुरलीधर
बाप समान वही कहलाए
प्यारे ब्रम्हा बाबा की सुनी है कहानी
अंतिम दिन तक मुरली सुनाई
अब लागे दिन नया रात भी नई
स्वर्णिम वो दुनिया अब आई की आई
दिल से बधाई बधाई
नव युग की सभी को बधाई
दिल से बधाई बधाई
नव वर्ष की हो बधाई
रोशनी के आगे ना रहे अंधकार
लक्ष्य हो सफलता का व्यर्थ का हो संहार
व्यर्थ पे जीत हो बने जगजीत वो
परमात्मा सिद्धि को हम ही पाए
हर कल्प के भावी कोई टाल न पाए
विजय माला में अब हम पिरोए
अब लागे दिन नया रात भी नई
स्वर्णिम वो दुनिया अब आई की आई
