नवयुग आ रहा हर दिल गा रहा
आज का ये दिन वर्ष का संगम
अपनी रीत नई प्रभु की प्रीत नई
नव वर्ष की है बधाई
मुबारक मुबारक मुबारक हो
बधाई बधाई
मुबारक मुबारक मुबारक हो बधाई बधाई
हम ब्राह्मणों का हर दिन है उत्सव
हर दिन ही बधाई ऐसा है अपना अनुभव
उमंग के पंखों से सदा उड़ते रहना
कर्मयोगी बन कर ही सदा हर कर्म करना
उमंग की शक्ति है सबसे बड़ी उमंग रत से है भरी
आधार मूरत है सारे संसार के हम
उत्साह के दाता है विश्व परिवार के हम
अपनी दृष्टी से ही बदलेगी दुनियां सारी
विश्व को पावन करना अपनी है जिम्मेवारी
दानी बनो सदा ही देते रहो
दान के बिन एक दिन भी ना हो
नवयुग आ रहा हर दिल गा रहा
आज का ये दिन वर्ष का संगम
अपनी रीत नई प्रभु की प्रीत नई
नव वर्ष की है बधाई
मुबारक मुबारक मुबारक हो
बधाई बधाई
मुबारक मुबारक मुबारक हो बधाई बधाई
