

नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे खुद को दिखाता हम को सिखाता निराकारी बनाता खुद को दिखाता हम को सिखाता निराकारी बनाता हद को मिटाता बेहद में लाता हर एक ज्योति जगाता प्रेम मगन हो दिल की लगन से हम बाबा को निहारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे योग सिखाता शक्ति आ भरता निर्विकारी बनाता योग सिखाता शक्ति आ भरता निर्विकारी बनाता रंग पावनता के है बरसाता रूहों को सजाता पार किया हर दुःख का दरिया मिल गए अब किनारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे माया का फंसाना हम को है भुलाना निरहंकारी बनना समझा था जो अपना टूटा सारा सपना वैरागी बन के है रहना खुशियां मिली जब अर्पण किया जब सब कुछ तेरे सहारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे नील गगन के पार चलें हम ज्योति बिंदु सितारें शिव बाबा से मिलन मनाने शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे शान्ति धाम पधारे