ओम शांति
शिव बाबा याद है ना
मन पंछी को दे दो तुम एक काम शिव शिव बोलो मीठा प्यारा नाम
ब्रह्माकुमार नवलजीत की रचनाओं द्वारा परमात्मा शिव को प्रत्यक्ष करने का एक विनम्र प्रयास है
आबू तीर्थ में चमत्कार हो रहा है
शिव निराकार साकार हो रहा है
बांध लो प्रभु को सांसों के तार में
दिल में बसा लो बुला लो साकार में
खड़े हो शिव के पूजन में तो जानो उनके जीवन को
बोलो शिवम् शिवम्
जल अग्नि धरती पवन को छोड़ गगन में आओ
ओ मेरे मीठे प्यारो अपना मन शिव में लगाओ
प्रेम मगन तन से निकलो मन मगन हो मन से निकलो
आओ वतन में मेरे पास मैं तुम्हें थोड़ा प्यार कर लू
आओ तुम्हें थोड़ा लाड कर लू
पहनाऊ तुम्हे बाहों का हार
बाबा मुझे अपने मधुबन में बुला लो
मुझे ज्ञान सिखा दो
मेरा यहां कोई नहीं
इन रचनाओं को सुनकर चिंतन करें
और हम सब मिलकर शिव प्रभु को साकार करें
ओम शांत
