ओ बाबा मेरे मिलन में तेरे मन बेहद हर्षा रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
प्यार के सागर की लहरों में तन मन जैसे लहरा रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
ओ बाबा मेरे ओ बाबा मेरे
दृष्टि बनी रूहानी है सृष्टि बनी सुहानी है
वरदानी बोलों ने रच दी अपनी अमर कहानी है
वरदानी बोलों ने रच दी अपनी अमर कहानी है
रोम रोम में प्रभु प्यार का परमानंद समा रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
ओ बाबा मेरे ओ बाबा मेरे
ज्ञान के नैन अनोखे है नयना बने झरोखे है
सोने के मृग मायावी दे ना सकते धोखे है
सोने के मृग मायावी दे ना सकते धोखे है
कितना प्यारा नैन नजारा नव युग का दिखला रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
ओ बाबा मेरे ओ बाबा मेरे
दिल ने चाहत पाई है रुह को राहत आई है
दशो दिशा से मस्त फिज़ा से फिरती मधुर बधाई है
दशो दिशा से मस्त फिज़ा से फिरती मधुर बधाई है
तुमको पाया सब कुछ पाया अब पाना ही क्या रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
प्यार के सागर की लहरों में तन मन जैसे लहरा रहा
ओ बाबा तेरे ही गुण दिल गा रहा
ओ बाबा मेरे ओ बाबा मेरे
