"चिठिया तो
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
मुझे आई दादिमा की तार
लिखा है उड़के तू आजा दरबार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
मुझे आई दादिमा की तार
लिखा है उड़के तू आजा दरबार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
मुद्दतो के बाद ये जो मां ने बुलाया है
लगता है रहम उसे बच्चे पर आया है
मुद्दतो के बाद ये जो दादी ने बुलाया है
लगता है रहम उसे बच्चे पर आया है
बरसो से __ मां का मिलेगा दीदार
बाग तो मां का मिलेगा दुलार
संतो मां देगी बच्चे को प्यार
चिठिया तो
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
मुझे आई दादिमा की तार
लिखा है उड़के तू आजा दरबार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
बाबा के मैं चरणों में सिर रख दूंगा
खुशियोंके आसूओसे पग बाबा के मैं धोऊंगा
बाबा के मैं चरणों में सिर रख रोऊंगा
खुशियोंके आसूओसे पग बाबा के मैं धोऊंगा
पग से उठा के मुझसे गले से लगाएगी दादी
पग से उठा के मुझसे गले से लगाएगी दादी
मां सहेगी न रोना ये सहार
बाग तो रोएगी वो खुद दारोदर
बाग तो निकलेगा दोनो का गुहार
चिठिया तो मधुबन से लाखो को है आती
मुझे आई दादिमा की तार
लिखा है उड़के तू आजा दरबार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
कहा है मिलजा मुझे एक बार
बोले ओम शांति"
