

ज्ञान सागर में समाकर ज्ञान सागर में समा वो ज्ञान रतन ही लुटाती खुशियों भरे मिजाज से हम सबको खुशियां देती खुशियों भरे मिजाज से हम सबको खुशियां देती अध्यात्म की साक्षात् सदी अध्यात्म की साक्षात् सदी वो रूहानी रागिनी दिल से नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी दिल से नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी शत शत नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी रमणीकता गंभीरता का संतुलन तुझमें पाया श्वासो श्वास सफल कर अपने जीवन को महकाया परमातना के ज्ञान से है जन जन को जगाया अध्यात्म पथ पर कन्याओं को शिक्षक बनना सिखाया युवाओं की तुम प्रेरणा युवाओं की तुम प्रेरणा थी प्रेरणादायिनी इस दिल से नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी हर दिल से नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी शत शत नमन है आपको ओ दादी रतन मोहिनी