ओ ज्योति बिंदु किरणों से तेरी
जीवन मेरा चमक रहा है
चमक रहा है
रिम झीम रिम झीम इन किरणों से
रिम झीम रिम झीम इन किरणों से
मन उपवन भी महक रहा है
तारो से ऊपर अपना नगर है
परम शांति आनंद बिखरा जिधर है
तारो से ऊपर अपना नगर है
परम शांति आनंद बिखरा जिधर है
बाबा के पास आकें शक्तियों से भरके
चित्त हुआ शीतल मन बेफिकर है
जीवन मेरा चमक रहा है
तुमसा न कोई मन को लुभाए
अतिइंद्रिय सुख में हम लहराए
तुमसा न कोई मन को लुभाए
अतिइंद्रिय सुख में हम लहराए
दिल की बाते बाबा तुमको सुनाते
मन की उम्मीद हम तुझमें समाते
ओ ज्योति बिंदु किरणों से तेरी
जीवन मेरा चमक रहा है
ओ ज्योति बिंदु किरणों से तेरी
ओ ज्योति बिंदु
ओ ज्योति बिंदु
_________
