ओ स्नेह सागर तेरे स्नेह में हम नैनो को अपने भिगोए हुए हैं
सांसों के तारों में ओ बाबा तेरी यादों के मोती पिरोए हुए हैं
ओ स्नेह सागर
ये महसूस होता यही पास में हो हमें देख करके मुस्का रहे हो
सदा साथ में हूं बच्चों तुम्हारे यही बात अब भी तो दोहरा रहे हो
यही बात अब भी तो दोहरा रहे हो
एहसास के इस समंदर में हम तो जैसे की मन को डुबोए हुए हैं
ओ स्नेह सागर
उठा कर धारा से जो धूल कण को मस्तक से अपने ऐसे लगाया
चमकने लगे हम सितारे से बनकर अपने गुणों से है इतना सजाया
अपने गुणों से है इतना सजाया
बलिहार होके तेरे हार में हम हीरो के जैसे संजोए हुए हैं
ओ स्नेह सागर
ओ जादूगर ऐसा जादू जगाया ज्योति सा सारा जहां जगमगाया
किया प्यार का है चमत्कार ऐसा बेनूर को कोहिनूर बनाया
बेनूर को कोहिनूर बनाया
ऐ शाहे खुबा तेरी खूबियों के ख्यालों में हम खोए खोए हुए हैं
ओ स्नेह सागर तेरे स्नेह में हम नैनो को अपने भिगोए हुए हैं
सांसों के तारों में ओ बाबा तेरी यादों के मोती पिरोए हुए हैं
ओ स्नेह सागर
