"ओम शांति ओम शांति ओम शांति बोलो…..
तन मन धन जन जीवन का शिव सत्य ज्ञान ले लो
ले लो ले लो
ओम शांति ओम शांति ओम शांति बोलो…..
तन मन धन जन जीवन का शिव सत्य ज्ञान ले लो
ले लो ले लो ले लो ले लो
ओम शांति महामंत्र है भृकुटी में बैठा यही संत है
ये तन मन रखता है ताजा
दस इदरी का ये है राजा
रोग शोक दुख अशांतियो को
शिव तरंग में घोलो
घोलो घोलों घोलो घोलों
ओम शांति ओम शांति ओम शांति बोलो
सत्य शिवन सुंदर और माया
ओममय संसार बनाया
जीव जीव का भोजन है आना जाना ये यौवन है
मन बुद्धि पावन करके संस्कार पुराने छोड़ो
छोड़ो छोड़ो छोड़ो छोड़ो
ओम शांति ओम शांति ओम शांति बोलो
आबू में भागीरथ आया
ज्ञान की वो गंगाये लाया
शिव की दृष्टी में समावो
अब भारत को स्वर्ग बनाओ
महा बिनाश अटल होगा
आत्म घर चलने की सोचो
सोचो सोचो सोचो सोचो
ओम शांति ओम शांति ओम शांति बोलो"
