ओ मम्मा ओ मां
ओ मम्मा मातेश्वरी जगत की प्यारी मां
ओ मम्मा मातेश्वरी जगत की प्यारी मां
तेरी याद में झुक गया आज सारा जहां
तेरी याद में झुक गया आज सारा जहां
ॐ राधे ज्ञान स्वरूपा सरस्वती मां
ॐ राधे ज्ञान स्वरूपा सरस्वती मां
तेरे चरणों में अर्पित ये जीवन हो मां
तेरे चरणों में अर्पित ये जीवन हो मां
ओ मम्मा ओ मां
सिंध की धरती पे जब गूंजा तेरा नारा ओम
थम से गए सुनने को ये तारें और ये व्योम
सिंध की धरती पे जब गूंजा तेरा नारा ओम
थम से गए सुनने को ये तारें और ये व्योम
कमसिन सी उमर में तूने थामा शिव का हाथ
कमसिन सी उमर में तूने थामा शिव का हाथ
सबकुछ वारा बाबा पे छोड़ा जग का साथ
ओ मम्मा ओ मां
यज्ञ की तू अधिष्ठात्री पहली संचालिका
बनी हर एक बच्चे की तू ही स्नेह पालिका
यज्ञ की तू अधिष्ठात्री पहली संचालिका
बनी हर एक बच्चे की तू ही स्नेह पालिका
पापी हो या पुण्य आत्मा सभी पुकारे मां
पापी हो या पुण्य आत्मा सभी पुकारे मां
तेरी गोद में हर रूह ने पाया अपना जहां
ओ मम्मा ओ मां
