पल रहे है प्रभु प्यार में
इससे बड़ा और भाग्य कहा
पल रहे है प्रभु प्यार में
इससे बड़ा और भाग्य कहा
हजारों भुजाओं से साथ है
ऐसा साथी होगा कहा
पल रहे है प्रभु प्यार में
पा नी पा नी सा ग रे ग रे नी ध म ध सा
सुबह होते ही दे पुचकार
बाही में भर लेते है
सुबह होते ही दे पुचकार
बाही में भर लेते है
क्या करना कैसे करना हमको कह देते है
प्यार हम करे कितना
पर प्रभु प्यार तो है अथाह
पल रहे है प्रभु प्यार में
पा नी पा नी सा ग रे ग रे नी ध म ध सा
जीवनकी हर मुश्किलो को कर दिया है आसान
जीवनकी हर मुश्किलो को कर दिया है आसान
कभी भी कहीं ना चोट लगे इतना रखते है ध्यान
संगमकी ये अनोखी घड़ियां इतना सुकुण देता यहा
पल रहे है प्रभु के प्यार में
इससे बड़ा और भाग्य कहा
हजारों भुजाओं से साथ है
ऐसा साथी होगा कहा
पल रहे है प्रभु प्यार में
इससे बड़ा और भाग्य कहा
हजारों भुजाओं से साथ है
ऐसा साथी होगा कहा
पल रहे है प्रभु प्यार में
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