

पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए निज़परिवर्तन कर निज़परिवर्तन कर जगपरिवर्तन अब लाइए अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा पांच तत्वकी पुकार है दुनियाको सवारिए जैसे जल अपनी राहे आसान बना लेता है आगे बढ़कर मंजिल को सहज ही पा लेता है दाता ये धरती सदा जो सबकुछ हमको देती है बिन लिए कुछ भी फल फूल और जल बेहद वो लुटाती है ऐसे ही चलते रहिए अरे ऐसे ही चलते रहिए आगे ही आगे अब बढ़िए पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए जीवन में ताजगी लाए वायु उसे कहते है मन में उमंग भरती सदा जैसे पंछी वो उड़ते है जैसे सूरजकी किरणोंसे सब कुछ निर्मल बन जाता उज्वल करके सारे जग को पावन वो प्यार लुटाता ऐसी दे दुवाएं ऐसी दे दुवाएं जग उजियारा अब कीजिए पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए ये विशाल आसमा जो करे दूर संचार प्रसार कितना सुंदर नीला नभ है मिला प्यारा उपहार सुख शांति सब को मिले प्रभु को हम याद करे सद्ज्ञानकी रोशनी से आओ खुदको रोशन करे ऐसा प्यार देकर ऐसा प्यार देकर सबका प्यारा बन जाइए अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए पांच तत्व की पुकार है दुनिया को सवारिए निज़परिवर्तन कर निज़परिवर्तन कर जगपरिवर्तन अब लाइए अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा अब वक्त ये जा रहा पल पल ये सुना रहा ______________________