"पथ का अंधियार मिटाता चल
स्वर्णिम उज्जयाल जगाता चल
पथ का अंधियार मिटाता चल
स्वर्णिम उज्जयाल जगाता चल
यहां फूल है कम कांटे अनगिनत
तू अपना पांव बचाता चल
तू अपना पांव बचाता चल
तू करता मेरा मेरा है
पर यहां ना कोई तेरा है
तू करता मेरा मेरा है
पर यहां ना कोई तेरा है
हे ये बाजार लुटेरों का
हे ये बाजार लुटेरों का
तू अपनी गांठ बचाता चल
तू अपनी गांठ बचाता चल
ये झिलमिल नगर बेगाना है
यहां से तो एक दिन जाना है
ये झिलमिल नगर बेगाना है
यहां से तो एक दिन जाना है
अब वक्त है कम लंबी मंजिल
अब वक्त है कम लंबी मंजिल
तू जल्दी पांव बढ़ाता चल
तू जल्दी पांव बढ़ाता चल
बचपन बीता यौवन बीता
लूटते लूटते ते हो गया जीता
बचपन बीता यौवन बीता
लूटते लूटते हो गया जीता
अब अंत समय तू भी थोड़ी
अब अंत समय तू भी थोड़ी
तू अपने दाम बढ़ाता चल
तू अपने दाम बढ़ाता चल
जो लगती सोने की हाटी
ये सचमुच है खाली मिट्टी
जो लगती सोने की हाटी
ये सचमुच है खाली मिट्टी
तू भी कल को होगा मिट्टी
तू भी कल को होगा मिट्टी
मिट्टी के बंद छुड़ाता चल
मिट्टी के बंद छुड़ाना चल
पथ का अंधियार मिटाता चल
स्वर्णिम उजियार जगाता चल"
