"आआआआआआ आआआआआआ
प्रभु जब से आये जीवन में , प्रभु जब से आये जीवन में
रही आश न कोई मन में, रही आस न कोई मन में
प्रभु जब से आये जीवन में ...
मिले एक झलक,थी कितनी ललक, पाने को युगों से तरसे
हो गया वही, अब अपना ही तो, भूल सकेंगे कैसे, भूल सकेंगे कैसे
यही गुंजन है, धड़कन में, रही आस न कोई मन में
प्रभु जब से आये जीवन में.....
जैसे गागर को, मिला सागर हो, प्यासी धरती को सावन
मुद्दत में मिले, मुझे आकर के,मन मीत मेरा मनभावन,मन मीत मेरा मनभावन
मोती बरसे आंगन में, रही आस न कोई मन में
प्रभु जब से आये जीवन में ....
नई बीती चली, नई नीती पलीं, प्रभु प्रीती लगी मुस्कानें
नये गीत बने संगीत जगे,लगी दिशाएं नगमें गाने,लगी दिशाएं नगमें गाने
बजी मुरली मन मधुबन में,रही आस न कोई मन में
प्रभु जब से आये जीवन में
प्रभु जब से आये जीवन में
रही आस न कोई मन में
रही आस न कोई मन में
प्रभु जब से आये जीवन में
प्रभु जब से आये जीवन में"
