

प्रभुमिलन में ही मगन अपने ये दिन रात है ताज तख्त तिलक की हमको मिली सौगात है वाह बाबा वाह यही दिल में अनहद नाद है बाबा ओ बाबा तुझमें ही खोए रहे ओ बाबा बाप ही भाग्यविधाता अहो भाग्य मिला चमका भाग्य सितारा जीवन खिला परम शिक्षक सतगुरु भी बाप ही बना उनके ही पालना में हमको रहना है त्रिनेत्री त्रिकालदर्शी हमे बना दिया संगमयुग में स्वराज्य का पद दिला दिया मनमनाभव मंत्र से ही सतगुरु का साथ है उनके ही साथ से जीवन हुआ आबाद है वाह बाबा वाह यही दिल में अनहद नाद है बाबा ओ बाबा तुझमें ही खोए रहे ओ बाबा माया के आंधी में भी हार ना खाएंगे विजय का ही हार अपने गले में पहनेंगे स्वराज्य की स्मृति का तिलक लगा है विश्व के कल्याण का ताज सजा है बाबा के दिलतख्तनशीन है हम सदा योगी जीवन की मौज में तल्लीन सदा बाबा से हो रही वरदानों की बरसात है जीवन में हर घड़ी खुशियों की बारात है वाह बाबा वाह यही दिल में अनहद नाद है बाबा ओ बाबा तुझमें ही खोए रहे ओ बाबा प्रभु मिलन में ही मगन अपने ये दिन रात है ताज तख्त तिलक की हमको मिली सौगात है वाह बाबा वाह यही दिल में अनहद नाद है बाबा ओ बाबा तुझमें ही खोए रहे ओ बाबा