प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
खोई हुई जागीर दिल की
खोई हुई जागीर दिल की प्यारे प्रभु से पा गए
प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
बीच भवर आंधी तूफा में फसी थी जीवन की नैया
दुख के बादल बरस रहे थे थी नैया बिन खिवैया
तब छत्रछाया बन प्रभु की किरणे
तब छत्रछाया बन प्रभु की किरणे हर ओर हमारे छा गए
प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
असीम गम के अंधकार में सुख के सूरज को देखा
खींच रहा था स्नेह शिव का बदल गई जीवन रेखा
रचा है रुद्र ज्ञान यज्ञ जो
रचा है रुद्र ज्ञान यज्ञ जो मन को हमारे भा गए
प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
खोई हुई जागीर दिल की
खोई हुई जागीर दिल की प्यारे प्रभु से पा गए
प्रभु प्यार की कश्ती में बैठे संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
संगमयुग में आ गए
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