प्रभु प्यार में मगन ये मन बोले
इस जग से चले कहीं दूर चले
प्रभु प्यार में मगन ये मन बोले
इस जग से चले कहीं दूर चले
जहा सुख शांती और आनंद है
जहा सुख शांती और आनंद है
उस धाम की ओर चले
इस जग से चले कहीं दूर चले
प्रभु प्यार में मगन ये मन बोले
इस जग से चले कहीं दूर चले
जहा तन से कोई सुध ना हो
वहा दुखका बोध ना हो
जहा तन से कोई सुध ना हो
वहा दुखका बोध ना हो
बाबा संग आए बाबा संग जाए
कोई अब रोक ना हो
बाबा की याद में खो जाए खो जाए
बाबा की याद में खो जाए खो जाए
माया का ना कोई जोर चले
इस जग से चले कहीं दूर चले
प्रभु प्यार में मगन में मन बोले
इस जग से चले कहीं दूर चले
बाबा के दिल में बसकर हम
पलके अचल तले
बाबा के दिल में बसकर हम
पलके अचल तले
प्रभु प्यार के छाया तले
जीवन उपवन में फूल खिले
अंत समय भी संग चले
प्रभु याद में शाम ढले
अंत समय भी संग चले
प्रभु याद में शाम ढले
माया का ना कोई जोर चले
इस जग से चले कहीं दूर चले
प्रभु प्यार में मगन में मन बोले
इस जग से चले कहीं दूर चले
इस जग से चले कहीं दूर चले
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