प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
सारे जग में….
सारे जग में ढूंढे ऐसे एक यही है शांति मार्ग
यह रहते वो फरिश्ते
इनके है ब्रम्हा से रिश्ते
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
जो भी आते है हर वो आत्मा
उनके जीवन धन्य होते
काम क्रोध मद मोह लोभ
विकर्मों पर विजय वो पाते
हीरे जैसे……
हीरे जैसे वो जगमगाते
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
सारे जग में….
सारे जग में ढूंढे ऐसे एक यही है शांति मार्ग
यह रहते वो फरिश्ते
इनके है ब्रम्हा से रिश्ते
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी
आओ मिलकर यहा पे चलके
मिलके सब हम योग करते
याद से सब विकर्म कटते
कर्म करते ब्रम्हा को पाते
दादी के तनमें…….
दादी के तनमें ब्रम्हा आते
दादी के तन बाबा आते
इनसे हम दोनों को पाते
दादी के तन ब्रम्हा आते
इनसे हम दोनों को पाते
दादी के तन बाबा आते
इनसे हम दोनों को पाते
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