"प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
बीतेगा जीवन जिससे
बीतेगा जीवन जिससे
खुशी में गाता हसता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
परमपिता शिव परमात्मा दिव्य गुणों के भंडारी
ब्रम्हा जिन्हे सींचे बरसो की यह फुलवारी
परमपिता शिव परमात्मा दिव्य गुणों के भंडारी
ब्रम्हा जिन्हे सींचे बरसो की यह फुलवारी
प्रभु प्रेम का परिमल हरदम हर फूलो में है बसता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
दिव्य गुणों को जीवन में जिस आत्मा ने अपनाया
अवगुणों को त्याग के प्यार प्रभु का है पाया
दिव्य गुणों को जीवन में जिस आत्मा ने अपनाया
अवगुणों को त्याग के प्यार प्रभु का है पाया
रंग बिरंगे माया में फिर
रंग बिरंगे माया में फिर
कभी नहीं वो फसता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
बीतेगा ये जीवन जिससे
बीतेगा ये जीवन जिससे
खुशी में गाता हसता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
प्यार से स्वीकारलो दिव्य गुणों का गुलदस्ता
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