प्यारे बाबा के , प्यारे बाबा के सदा
आज्ञाकारी , आज्ञाकारी है हम ।
बाबा की भुजायेँ सेवाधारी, सेवाधारी है हम ।
प्यारे बाबा के सदा आज्ञाकारी , आज्ञाकारी है हम।
आज है शाम कल होंगे सुंदर, कृष्ण के संग रास करेंगे ।
आज कल का है ये खेल सारा, अपनी दुनिया में राज्य करेंगे ।
संगम युग की है ये बलिहारी ।
प्यारे बाबा के सदा आज्ञाकारी , आज्ञाकारी है हम।
बाबा की भुजायेँ सेवाधारी, सेवाधारी है हम ।
मनसा-वाचा-कर्मणा से महादानी बन देते चले ।
ज्ञान गुण शक्तियों का अनुभव, सभी को कराते चले ।
जीवन हो सदा खुशियों से भरी ।
प्यारे बाबा के सदा आज्ञाकारी , आज्ञाकारी है हम।
बाबा की भुजायेँ सेवाधारी, सेवाधारी है हम ।
निमित्त भाव हो अपने अंदर, आत्म स्नेह का निर्माण भाव हो ।
ब्रह्मा बाबा के जैसा ही , मैं पण का सदा अभाव हो ।
तब ही होंगी सभी की भावना पूरी ।
प्यारे बाबा के सदा आज्ञाकारी , आज्ञाकारी है हम।
बाबा की भुजायेँ सेवाधारी, सेवाधारी है हम ।
