

परमधाम से शिव आए है शिवशक्तियो को लाए है आदिरतन अनमोल रतन एक दिव्य रतन हम पाए है राजयोगिनी डॉक्टर दादी का है जन्म महोत्सव राजयोगिनी डॉक्टर दादी का है जन्म महोत्सव राजयोगिनी डॉक्टर दादी रतनमोहिनी जी का राजयोगिनी डॉक्टर दादी रतनमोहिनी जी का मना रहे मंगल महोत्सव जन्म शताब्दीका मना रहे मंगल महोत्सव जन्म शताब्दीका युग युग जीती रहो हो दादी अमर रहो युग युग जीती रहो हो दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो आदि रतन है वरदानी वरदाता से वरदान लिया आदि रतन है वरदानी वरदाता से वरदान लिया ज्ञान रतन की खान लुटाते जीवन आलीशान किया ज्ञान रतन की खान लुटाते जीवन आलीशान किया विश्व के कल्याण के लिए अपना ही बलिदान दिया प्रभू का गुणगान किया कभी नहीं अभिमान किया ज्ञान गंगा योग यमुना रूप महानदी का युग युग जिती राहो ओ दादी अमर राहो सभी मिल यही कहो हो दादी अमर रहो पावनता की देवी ममता महिमा की मुरत हो पावनता की देवी ममता महिमा की मुरत हो आस्था के शिखर पे हो आज की बडी जरुरत हो आस्था के शिखर पे हो आज की बडी जरुरत हो अगणित युवाओं की प्रेरणा शिक्षाओं की सूरत हो समय सास संकल्प से दादी तुम सतत सेवारत हो शिवशक्ति हो देवी हो तुम मानवता की मसीहा युग युग जीती रहो ओ दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो युगों युगों में धरती पर ऐसी विभूतियां आती है युगों युगों में धरती पर ऐसी विभूतियां आती है मरणासन्न मानवता में नया प्राण भर जाती है मरणासन्न मानवता में नया प्राण भर जाती है दसों दिशाए झूम रही है देव फरिश्ते गा रहे परमात्मा भी प्रसन्न होकर प्रेम पुष्प बरसा रहे मंदिरों में गूंज रहा जयकारा शिव शक्ति का युग युग जीती रहो ओ दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो राजयोगिनी डॉक्टर दादी रतनमोहिनी जी का राजयोगिनी डॉक्टर दादी रतनमोहिनी जी का मना रहे मंगल महोत्सव जन्म शताब्दी का मना रहे मंगल महोत्सव जन्म शताब्दी का युग युग जीती रहो हो दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो युग युग जीती रहो हो दादी अमर रहो सभी मिल यही कहो ओ दादी अमर रहो __________