"ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं ऊंं आआआआआआ
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी,याद तुम्हारी आए
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी,याद तुम्हारी आए
प्यारे पिता श्री की लाडली, तुमको कभी ना भुलाएं
इस मधुबन में है तेरा नज़ारा,हर नयन तुमको निहारा
अव्यक्त हुए, अव्यक्त से भी देते हो ये भासना
होओओ जीत लिये हर एक दिल को,हर दिल की हो आशना
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी याद तुम्हारी आए
आआआआआआ आआआआआआ
फरिश्तों सा वो चलना तुम्हारा,मधुबन के आंगन में
संग तुम्हारे प्यारा अनुभव,घुल रहा है मन में
बाबा की जो दी पालना,
बाबा की जो दी पालना, त्याग तप से हमको
मां कहती, हर एक धड़कन,याद करे उस दिन को
फूलों सी मुस्कान तुम्हारी,भा गई जो हर मन को
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी याद तुम्हारी आए
आआआआआआ आआआआआआ
वचन की पक्की,महा पुरुषार्थी, महारथी प्यारी मां
तुझे देखने जग ये तरसे, आओ फिर से मेरी मां
कैसे करें गुणगान तुम्हारा
कैसे करें गुणगान तुम्हारा,तेरी महिमा है अपार
प्रभु के संग जो की है सेवा,वह बेहद बेशुमार
आबू भी सूना सा लगता, पाने को तेरा प्यार
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी याद तुम्हारी आए
प्यारे पिता श्री की लाडली, तुमको कभी ना भुलाएं
इस मधुबन में है तेरा नज़ारा,हर नयन तुमको निहारा
अव्यक्त हुए अव्यक्त से भी, देते हो ये भासना
होओओ जीत लिये हर एक दिल को, हर दिल की हो आशना
रत्नागर की रत्नप्रभा दादी याद तुम्हारी आए
याद तुम्हारी आए
याद तुम्हारी आए"
