"लाखों आते जाते है वो याद कभी न आयेंगे
पर प्राणों से प्रिय दादी मां को हम भूल कभी ना पाएंगे
रो रही है ये ज़मीं रो रहा है आसमां
रो रही है ये ज़मीं रो रहा है आसमां
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
कोई इन्हें बता तो दे कोई इन्हें बता तो दे
दादी वहा बाबा जहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
ये गम के आसू है नही कोई न कोई
बहाएंगे
प्रेम के इन मोतियों को कैसे रोक पाएंगे
करेंगे याद दादी को करेंगे याद दादी को बाबा की और दादीयां
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
आपकी सेवाए दादी बात यह दोहराएगी
हर घड़ी हर बात में दादी याद आयेगी
खूबियों को बाबा की खूबियों को बाबा की कर सके क्या बयां
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
आपसे जो प्यार है वो आपका बन दिखलाएंगे
शक्ति स्नेह का खजाना सब पे हम लुटाएंगे
यादों में तो साथ हो यादों में तो साथ हो फिर पास भी आ जाओ ना
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा
पूछते है सब यहीं की खो गई है मां कहा"
