

रोम रोम पुलकित हो उठता जिनकी पावन याद से मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता जिनकी पावन याद से मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता जिसके ज्ञान की बातों से होता जीवन उत्थान है जिसकी वाणी की वीना से झरता अमृत ज्ञान है उर से उर का तार जोड दे सेवाव्रत निष्काम है मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता भव के बंधन कटते सारे जिनकी शीतल छाव में भर देती आनंद अलौकिक पुलकित उनके नाव में जीवन नया सफल हो जाता आत्मज्ञान सत्काम से मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता जिनके आत्म तेज से हरता अन्धकार अज्ञान हैं खुल जाते है तार ज्ञान के देते अनुपान ज्ञान है आत्मा परमात्मा को पाती जिनके याद और ध्यान से मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता जिनकी पावन याद से मीठे बाबा तेरी बातें प्यारी सब संसार से प्यारी सब संसार से रोम रोम पुलकित हो उठता